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तेज बहादुर यादव को चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस

बर्खास्त बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव की मुश्किलें उनके द्वारा किए गए वायरल वीडियो के बाद लगातार बढ़ती ही गई हैं। एक ओर जहां जांच में गलत पाए जाने के बाद तेज बहादुर यादव को बीएसएफ से बर्खास्त कर दिया गया, तो वहीं दूसरी ओर जब वह चुनावी मैदान में उतरे हैं तो अब उनके नामांकन में भी पेंच फंस गया है जिस बाबत चुनाव आयोग ने तेज बहादुर यादव को नोटिस भेज दिया है। तो चलिए जानते हैं तेज बहादुर यादव को चुनाव आयोग के नोटिस क्यों भेजा है और तेज बहादुर यादव चुनाव आयोग की नोटिस का क्या जवाब देंगे।

चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस –

वाराणसी लोकसभा सीट से सपा- बसपा- आरएलडी के संयुक्त उम्मीदवार तेज बहादुर यादव को चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है। बीएसएफ से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव ने सबसे पहले निर्दलीय नामांकन किया उसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी से नामांकन किया है। लेकिन अब तेज बहादुर यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
दरअसल पहले नामांकन करने के दौरान तेज बहादुर यादव ने जानकारी दी थी कि उन्हें भ्रष्टाचार के कारण सेना से बर्खास्त किया गया, लेकिन जब उन्होंने दूसरी बार नामांकन किया तो उन्होंने बर्खास्तगी का कारण बताए बगैर ही नामांकन कर दिया अब चुनाव आयोग ने नोटिस जारी करके उन्हें इस मामले में प्रमाण देने की बात कही है। चुनाव आयोग ने कहा है कि अगर तेज बहादुर यादव प्रमाण देने में असफल पाए जाते हैं तो उनका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा।
बर्खास्त बीएसएफ जवान ने वाराणसी लोकसभा सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ खुला मोर्चा खोलते हुए चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी थी। एक ओर जहां वह लोगों से वोट मांगते हुए नजर आ रहे थे, तो वहीं दूसरी ओर यादव जी की; मीडिया में खबरें लगातार आसमान छू रही थीं, यही वजह रही कि समय रहते समाजवादी पार्टी ने चुनावी चाल चलते हुए उन्हें अपनी पार्टी से वाराणसी लोकसभा सीट के लिए टिकट दे दिया।

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